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Thursday, 28 July 2016

ये हैं धरती का स्वर्ग

              हिमालय की गोद में बसा, जम्मू और कश्मीर अपनी नेचुरल ब्यूटी के लिए दुनिया भर में अपना एक ख़ास मुकाम रखता है।  जम्मू और कश्मीर मूल रूप से तीन क्षेत्रों में अपनी सीमा को शेयर करता है यानी  इसमें  कश्मीर घाटी, जम्मू और लद्दाख और हिमाचल प्रदेश और पंजाब राज्य शामिल है। भारत के अंतर्गत आने वाला जम्मू और कश्मीर एक लोकप्रिय पर्यटक आकर्षण है जिससे अपनी छुट्टी बिताने के लिए पर्यटक साल में कभी भी यहां आ सकते हैं।  यह जगह प्रकृति के प्रेमियों के अलावा साहसिक गतिविधियों में लिप्त  उत्साही लोगों के दिल में एक खास मुकाम रखती है। आपको बताते चलें की प्रसिद्ध मुगल सम्राट जहाँगीर, भी हमेशा ही इस जगह के कसीदे कहते थे बादशाह का ये मानना था की यदि धरती पर कहीं स्वर्ग है तो वो यहीं है। कश्मीर दुनिया की सबसे खूबसूरत जगहों में से एक है साथ ही यहाँ के शानदार पर्वत श्रृंखला, क्रिस्टल स्पष्ट धारा, मंदिर, ग्लेशियर, और उद्यान इस जगह की भव्यता में चार चाँद लगाते हैं।


जम्मू एवं कश्मीर का मौसम

             जम्मू एवं कश्मीर साल में कभी भी जाया जा सकता है फिर भी इस जगह की यात्रा के लिए सबसे अच्छा समय मार्च और अक्टूबर के महीने के बीच है। इस दौरान यहाँ का मौसम और जलवायु सुखद रहती है जिस कारण यहाँ का सौंदर्य निखर कर सामने आता है साथ ही साइट सीइंग की दृष्टि से भी ये एक आदर्श समय है। राज्य का ज्यादातर हिस्सा सर्दियों यानी दिसम्बर से मार्च  के दौरान बर्फ से ढंका रहता है इस समय यहाँ आने वाले पर्यटक बर्फ के खेलों का भी आनंद ले सकते हैं। जम्मू की यात्रा का सबसे उत्तम समय सितम्बर से मार्च के बीच का है, जबकि यहाँ आने वाले पर्यटकों को यदि लद्दाख की यात्रा करनी है तो वो लद्दाख जाने का प्लान गर्मियों में ही बनाएं क्यूंकि सर्दियों में लद्दाख का मौसम बड़ा कठोर रहता है।

जम्मू एवं कश्मीर की भाषाएँ

            जम्मू और कश्मीर राज्य की सरकारी भाषा उर्दू है जो फारसी लिपि में लिखी जाती है जो पूरे राज्य में व्यापक रूप से बोली भी जाती है लेकिन अगर कश्मीर की बात की जाये तो वहां उर्दू का चलन ज्यादा है। राज्य में बोली जाने वाली अन्य भाषाओँ में कश्मीरी, उर्दू, डोगरी, पहाड़ी, बल्टी , लद्दाखी, गोजरी, शिना, और पश्तो शामिल हैं।

जम्मू और कश्मीर में पर्यटन

           जम्मू एवं कश्मीर भारत का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है जिसमें श्रीनगर को ग्रीष्मकालीन राजधानी और जम्मू को शीतकालीन राजधानी माना जाता है ।  पीर पंजाल पर्वत श्रृंखला और शक्तिशाली हिमालय का सेट राज्य की शोभा ,में चार चाँद लगा देता है साथ ही ये जगह साहसिक उत्साही, प्रकृति प्रेमियों, और तीर्थयात्रियों के लिए मस्ट टू गो प्लेस है।

           यहाँ जम्मू में  अमर महल संग्रहालय और डोगरा कला संग्रहालय  हैं जो कला प्रेमियों के बीच खासे लोकप्रिय हैं और कला का हर कद्रदान एक बार जरूर यहाँ जाना चाहेगा। यहाँ के धार्मिक गंतव्यों में वैष्णो देवी, दरगाह गरीब शाह, बहू मंदिर, जियारत बाबा बुद्दन शाह, शिव खोरी, और सहकर्मी खो गुफा मंदिर शामिल हैं।  साफ नीला पानी, पहाड़, झील, और सुखद जलवायु कश्मीर की घाटी के सबसे प्रमुख विशेषताएं  में से एक है । सेब और चेरी के बागान , शिकारे और ट्रकों की सवारी,हाउसबोट और कश्मीरी हस्तशिल्प इस जगह के सौंदर्य को और भी अधिक अद्वितीय और आकर्षक बना देते हैं।

          यहाँ कई सारी प्रमुख मस्जिदें और मंदिर  जैसे हजरतबल मस्जिद, जामा मस्जिद, चरार-ए -शरीफ, खीर भवानी मंदिर, मार्तंड सूर्य मंदिर, और शंकराचार्य राज्य को एक प्रमुख तीर्थ स्थल बनाते हैं । यहाँ आने वाले पर्यटक निशात गार्डन, शालीमार गार्डन, और चश्म - ए - शाही गार्डन, जो बीते मुगल साम्राज्य की संपन्नता का प्रतिनिधित्व करते हैं जरूर जाएं वो इनको देखकर इतना मन्त्रमुग्ध हो जाएंगे की फिर इस जगह की तारीफ करने से अपने को नहीं रोक पाएंगे।

          यहाँ पहलगाम, सोनमर्ग, पटनीटॉप, द्रास, गुलमर्ग, और कारगिल जैसी जगहें अपने प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध हैं।  डल झील और नागिन झील का शुमार यहाँ की प्रसिद्ध झीलों में होता है। साथ ही यहाँ आने वाले पर्यटक विभिन्न राष्ट्रीय पार्क और कश्मीर स्थित दाचीगम वन्य जीवन अभयारण्य,गुलमर्ग बायोस्फीयर रिजर्व, हेमिस हाई आल्टीटयूट वन्यजीव अभयारण्य, और ओवेरा नेशनल पार्क आदि देख सकते हैं जो प्रकृति प्रेमियों और जीव जंतुओं में इंटरेस्ट रखने वालों के लिए बिलकुल स्वर्ग जैसा है।

           

Saturday, 23 July 2016

जहां बंद गाड़ी भी अपने आप चढ़ने लगती है पहाड़ी पर

           सोचिए अगर आपने रात को गाड़ी जहां खड़ी की है सुबह उठे और आपको अपनी गाड़ी नहीं दिखाई दे, फिर क्या बीतेगा आप पर। आप पहली बार में यही सोचेंगे कि किसी ने आपकी गाड़ी चोरी कर ली है।
लेकिन अगर आप लद्दाख के लेह क्षेत्र में उस रहस्यमय पहाड़ी के आस-पास गाड़ी पार्क करते हैं और सुबह गाड़ी नहीं मिले तो समझ लीजिए किसी चोर ने नहीं बल्कि पहाड़ी ने आपकी गाड़ी को ऊपर खींच लिया। यह कैसे होता है यह एक रहस्य बना हुआ है।