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Saturday, 18 June 2016

भानगढ़ किला

           जहां सूरज ढलते ही जाग जाती हैं आत्‍माएं , किले, मौत, हादसों, अतीत और रूहों का अपना एक अलग ही सबंध और संयोग होता है। ऐसी कोई जगह जहां मौत का साया बनकर रूहें घुमती हो उन जगहों पर इंसान अपने डर पर काबू नहीं कर पाता है और एक अजीब दुनिया के सामने जिसके बारें में उसे कोई अंदाजा नहीं होता है, अपने घुटने टेक देता है। दुनिया भर में कई ऐसे पुराने किले है जिनका अपना एक अलग ही काला अतीत है और वहां आज भी रूहों का वास है। [पढ़ें- मसूरी के होटल में जब बेचैन हो जाती है आत्मा] दुनिया में ऐसी जगहों के बारें में लोग जानते है, लेकिन बहुत कम ही लोग होते हैं, जो इनसे रूबरू होने की हिम्‍मत रखतें है।

मालचा महल - दिल्ली का एक गुमनाम महल, जहाँ अवध वंश के राजकुमार और राजकुमारी जी रहे है गुमनाम ज़िंदगी

मालचा महल - दिल्ली का एक गुमनाम महल, जहाँ अवध वंश के राजकुमार और राजकुमारी जी रहे है गुमनाम ज़िंदगी


आज हम आपको दिल्ली के ऐसे गुमनाम महल के बारे में बताते है जिसके बारे में अधिकतर दिल्ली वासी भी नहीं जानते है यह है  दिल्ली के दक्षिण रिज़ के बीहड़ों में छुपा ‘मालचा महल’ जिसमे पिछले 28 सालो से अवध राजघराने के वंशज राजकुमार ‘रियाज़’ (Prince Riaz) और राजकुमारी ‘सकीना महल’ (Princess Sakina Mahal) रह रहे है।   पहले इनके साथ इनकी माँ ‘विलायत महल’ भी रहा करती थी जिन्होंने 10 सितंबर 1993 को आत्महत्या कर ली थी।  इस महल तक जाने का रास्ता सरदार पटेल मार्ग से जाता है। लेकिन इस महल में अंदर जाने की इज़ाज़त किसी को नहीं है। उस महल तक पहुंचने के एक मात्र रास्तेल पर लगा है लोहे का ग्रिल, जिस पर हल्की-सी आहट होते ही  कुत्तेा भौंकना  शुरु कर देते हैं । चारों ओर कंटीली तार के बाड़े से घिरे उस महल के प्रवेश द्वार पर लगे पत्थर पर लिखा है, रूलर्स ऑफ अवध: ‘प्रिंसेस विलायत महल’